परिचय : Kundru
चमत्कारिक कुंदरू Kundru के उपयोग , फायदे और नुकसान : हम सभी जानते हैं कि जब भी पोषक तत्व, सूक्ष्म तत्व, या कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन जैसे सभी जरूरी तत्व जो हमारे शरीर के लिए फायदेमंद है
वह सभी हरी सब्जियों में और फलों में पाए जाते है। जब हमें अपने शरीर को पोषण देने की बात आती है तो कोई भी डाइटिशियन या चिकित्सक हमेशा इसी बात को बोलते हैं कि आप फलों का सेवन करिए और हरी सब्जियां खईये।
क्योंकि सभी जानते हैं की हरी सब्जियां शरीर के लिए पोषक तत्वों का खजाना होती है। उसी में एक प्रकार की सब्जी है कुंदरु। इसके बारे में हम यहां पर बताने जा रहे हैं।
कुंदरु पोषक तत्वों के मामले में किसी भी सब्जी से पीछे नहीं है। यह देखने में हरे छोटे रंग की जरूर है लेकिन पोषक तत्वों के मामले में यह उतनी ही बड़ी है।
इसके अंदर आयरन, कैल्शियम ,मैग्नीशियम ,पोटेशियम, कार्बोहाइड्रेट ये सब कुछ भरपूर मात्रा में पाया जाता है।
Kundru भारत, श्रीलंका, थाईलैंड, मलेशिया, फिलीपींस और अन्य दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में पाया जाता है।
इसका स्वाद मीठा और खट्टा मिश्रित होता है। इसे तरह-तरह की सब्ज़ियों, अचार, सलाद और चटनियों में इस्तेमाल किया जाता है।
इसका उपयोग हृदय रोगों में , शुगर में , कान दर्द, सर दर्द , मुंह के छाले और भी कई तरह के रोग में किया जाता है। तो चलिए हम यहां पर इसको लेकर और विस्तृत रूप से जानने की कोशिश करते है। [चमत्कारिक Kundru के उपयोग , फायदे और नुकसान]

अलग-अलग भाषाओं में कुंदरु के नाम
वानस्पतिक नाम : Coccinia grandis (कॉक्सीनिया ग्रेन्डिस)
कुल : Cucurbitaceae (कुकुरबिटेसी)
संस्कृत : बिम्बी, रक्तफला , तुण्डिका , तिक्ततुण्डी, तिक्ताख्या, कटुका, कटुतुण्डिका,तुण्डी , बिम्बक, कम्बजा, गोह्वी, रुचिरफला, तुण्डिकेरी, ओष्ठोपमफला, बिम्बिका, ओष्ठी, कर्मकारी, तुण्डिकेरिका, बिम्बा, छर्दिनी ;
हिंदी : कुनली, कुनरी, कन्दूरी, बिम्बी, कुन्दुरू;
गुजरती : घोलां , घोली ;
उड़िया : कुन्द्र ,Kundru;
उर्दू : कुन्दरू ;
बंगाली : बिम्बु , तेला कुचा ;
पंजाबी : घोल , कन्दूरी ;
मराठी : तोंडली ;
आसामी : कुन्डुली ;
कन्नड़ : कोंडे बल्ली ;
तमिल : कोवाइ ;
तेलगु : बिम्बिका , दोंडातिगे ;
मलयालम : कवेल , कोवा ;

कुंदरु के फायदे
Kundru के कई फायदे हैं, जो इस प्रकार हैं:
कुंदरू Kundru को खाते हैं वजन घटाने के लिए
Kundru में कम कैलोरी और ज्यादा फाइबर होता है, जो पेट को भरा हुआ रखता है और भूख को कम करता है। इससे वजन कम होने में मदद मिलती है।
पाचन तंत्र को ठीक करने के लिए खाते हैं कुंदरु
कुंदरू Kundru में फाइबर के अलावा अन्य पोषक तत्व भी होते हैं, जो पाचन क्रिया को सुधारते हैं और कब्ज़, गैस, एसिडिटी, अल्सर और बवासीर जैसी समस्याओं से बचाते हैं।[चमत्कारिक कुंदरू के उपयोग , फायदे और नुकसान]
गुर्दे की पथरी को बाहर निकलता है Kundru
कुंदरू Kundru में विटामिन C, बीटा-कैरोटीन, लूटीन और ज़ीन्क जैसे एंटीऑक्सिडेंट होते हैं, जो किडनी को साफ रखते हैं और पथरी के बनने से रोकते हैं।
सांस की नली की समस्या को खत्म करता है कुंदरू Kundru
कुंदरू Kundru में श्लेष्म निरोधक और सूजन कम करने वाले गुण होते हैं, जो अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, खांसी और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याओं को दूर करते हैं।
सर दर्द से राहत दिलाता है कुंदरू Kundru
सिर दर्द होने पर कुंदरू की जड़ को पीसकर सिर पर लगाया जाए अर्थात माथे पर लगाया जाता है तो सिर का दर्द कम हो जाता है।
जीभ और मुंह के छालों को ठीक करता है कुंदरू Kundru
कुंदरू के पत्ते में एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण होते हैं, जो जीभ के घावों, छालों और इंफेक्शन को ठीक करते हैं।
इसके लिए कुंदरू के पत्तों का रस निकालकर जीभ पर लगाना चाहिए।
आंतों के खराब बैक्टीरिया को खत्म करता है कुंदरू
कुंदरू के बीजों में कीड़ा मारने वाले गुण होते हैं, जो आंत के कीड़ों को मारते हैं और उनके निकालने में मदद करते हैं।
इसके लिए कुंदरू के बीजों का पाउडर बनाकर दूध के साथ लेना चाहिए।
कान के दर्द में फायदा पहुंचता है कुंदरू Kundru
कुंदरू Kundru की पत्तियों का रस निकालकर उसमें सरसों का तेल मिलाकर उसकी दो-दो बूंद कान में डालने पर कान के दर्द में आराम मिलता है। [चमत्कारिक कुंदरू के उपयोग , फायदे और नुकसान]

गठिया के दर्द को ठीक करता है कुंदरू
कुंदरू में विटामिन A, C और K होते हैं, जो हड्डियों और जोड़ों को मजबूत बनाते हैं और गठिया, आर्थराइटिस, ओस्टियोपोरोसिस और जोड़ों के सूजन और दर्द को कम करते हैं।
चर्म रोग को खत्म करता है कुंदरू
कुंदरू Kundru में एंटीइन्फ्लेमेटरी, एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण होते हैं, जो त्वचा के रोगों जैसे एक्जिमा, प्सोरियासिस, दाद, खुजली, चर्म रोग आदि को ठीक करते हैं।
इसके लिए कुंदरू Kundru का रस या पेस्ट बनाकर संक्रमित भाग पर लगाना चाहिए।
शरीर की थकान को दूर भगाएं कुंदरू Kundru
कुंदरू में विटामिन B, आयरन, मैग्नीशियम और पोटैशियम होते हैं, जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं और थकान, कमजोरी, निराशा और चिड़चिड़ापन को दूर करते हैं।
इसके लिए कुंदरूका सलाद या कुंदरू की सब्ज़ी खाना लाभदायक होता है।
संक्रमण से बचाए कुंदरू
कुंदरू में विटामिन C और एंटीऑक्सिडेंट होते हैं, जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाते हैं
और विभिन्न प्रकार के संक्रमण जैसे फेफड़ों का संक्रमण, गले का संक्रमण, गुप्तांगों का संक्रमण, आँखों का संक्रमण आदि से बचाते हैं।
इसके लिए कुंदरू का रस या कुंदरू की चाय पीना फायदेमंद होता है।
घाव को ठीक करने में मदद करता है कुंदरू
कुंदरू में विटामिन A, C और K होते हैं, जो त्वचा के नवीकरण को बढ़ावा देते हैं और घावों, जलने, काटने या चोट के निशानों को जल्दी भरते हैं।
इसके लिए कुंदरू का रस या पेस्ट बनाकर घाव पर लगाना चाहिए।

बुखार से राहत दिलाता है कुंदरू
कुंदरू में शीतलक, वेदनाशामक और ज्वरहर गुण होते हैं, जो बुखार को कम करते हैं और शरीर को शांति और आराम देते हैं।
इसके लिए कुंदरू का रस या कुंदरू की चाय पीना चाहिए।[चमत्कारिक कुंदरू के उपयोग , फायदे और नुकसान]
जननांग के ऊपर होने वाले संक्रमण (गोनोरिया )को ठीक करता है कुंदरू
कुंदरू की पत्तियों का रस निकाल करअगर 5 ml की मात्रा में प्रतिदिन दोनों समय सेवन किया जाए तो इससे जननांग के ऊपर होने वाले संक्रमण में आराम मिल जाता है।
तो आप इसका प्रयोग भी करें और उसके अतिरिक्त चिकित्सा से संपर्क कर उसकी सहायता भी लें।
कुंदरु में पाए जाने वाले पौष्टिक तत्व
कुंदरू में विटामिन A, B, C, K, फोलेट, बीटा-कैरोटीन, लूटीन, ज़ीन्क, आयरन, मैग्नीशियम, पोटैशियम, कैल्शियम, फाइबर और पानी होते हैं।
ये सभी पोषक तत्व शरीर के लिए आवश्यक हैं और विभिन्न रोगों से बचाते हैं।
कुंदरू के प्रति 100 ग्राम में
- 18 कैलोरी,
- 0.1 ग्राम वसा,
- 3.9 ग्राम कार्बोहाइड्रेट,
- 1.4 ग्राम प्रोटीन,
- 1.6 ग्राम फाइबर,
- 40 मिलीग्राम विटामिन C,
- 400 माइक्रोग्राम विटामिन A,
- 16 मिलीग्राम विटामिन K,
- 6 मिलीग्राम फोलेट,
- 0.07 मिलीग्राम विटामिन B6,
- 0.04 मिलीग्राम विटामिन B2,
- 0.03 मिलीग्राम विटामिन B1,
- 0.6 मिलीग्राम आयरन,
- 40 मिलीग्राम कैल्शियम,
- 30 मिलीग्राम मैग्नीशियम,
- 200 मिलीग्राम पोटैशियम,
- 0.2 मिलीग्राम जिंक ,
- 0.8 मिलीग्राम बीटा-कैरोटीन
- 0.3 मिलीग्राम लूटीन
पाया जाता है।
कुंदरू के उपयोगी हिस्से
कुंदरू की पत्तियां, फूल और जड़ें उपयोगी होती हैं।
कुंदरू का उपयोग कैसे करें
सामान्य तौर पर कुंदरू को सलाद के रूप में खाया जा सकता है अथवा उसकी सब्जी बनाकर प्रयोग में ली जा सकती है।
लेकिन इसके अतिरिक्त कोई गंभीर समस्या है तो इसके लिए इसका प्रयोग चिकित्सक से विचार विमर्श करके अथवा उसकी सलाह के अनुसार करना चाहिए। [चमत्कारिक कुंदरू के उपयोग , फायदे और नुकसान]
कुंदरु से होने वाले नुकसान
कुंदरु के अत्यधिक सेवन से हमारे खून से शर्करा के काम होने का खतरा रहता है।
इसलिए इसका प्रयोग करने से पहले चिकित्सक की सलाह अवश्य लें
और सीमित मात्रा में ही प्रयोग करें। वैसे दिन भर में इसकी एक कटोरी सब्जी खाई जा सकती है।

चमत्कारिक कुंदरू के उपयोग , फायदे और नुकसान –FAQ
कुंदरू खाने के क्या नुकसान होते हैं?
कुंदरू का अधिक मात्रा में सेवन करने से ब्लड शुगर कम हो जाता है और ब्लड प्रेशर भी काम हो जाता है। इसलिए इसका प्रयोग करने में सावधानी की जरूरत है और चिकित्सा के सलाह की भी जरूरत है।
खाली पेट कुंदरू खाने से क्या होता है?
आयुर्वेद के अनुसार अगर कुंदरू का खाली पेट सेवन किया जाता है तो इससे हमारा पाचन तंत्र सही होता है जिससे कब्ज गैस पेट दर्द अथन दस्त जैसी कोई समस्या नहीं होती है
कुंदरू खाने से बुद्धि कम होती है क्या?
अगर कुंदरू का अत्यधिक मात्रा में सेवन किया जाता है तो यादगार कमजोर होने लगती है ऐसा आयुर्वेदिक ग्रन्थों में कई जगह वर्णन मिलता है।
क्या कुंदरू को कच्चा खाया जा सकता है?
कुंदरु के अंदर खनिज तत्व और पोषक तत्व दोनों भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसके अंदर फाइबर की मात्रा भी ज्यादा होती है। इसके अंदर पोटेशियम ,कैल्शियम ,मैग्नीशियम जैसे सूक्ष्म तत्त्व भी होते हैं और एंटीऑक्सीडेंट जैसी गुण भी मौजूद होते हैं। इसकी वजह से कुंदरू को कच्चा भी खाया जा सकता है और इसको पका कर इसकी सब्जी भी खायी जा सकती है।
कुंदरू की सब्जी खाने के क्या फायदे हैं?
जब खून में ब्लड शुगर बढ़ जाता है तभी शुगर की समस्या शुरू होती है। कुंदरू की सब्जी खाने से ब्लड शुगर लेवल कम होने लगता है। जिससे शुगर में आराम पहुंचता है। इसलिए कुंदरू की सब्जी शुगर के मरीजों के लिए रामबाण औषधि की तरह काम करती है। इससे पाचन जैसी समस्याएं भी ठीक होती है क्योंकि यह हमारे लीवर को एक औषधि की तरह ठीक करती है।

