परिचय
आज की भाग-दौड़ भरी जिंदगी में स्वास्थ्य का ध्यान रखना मुश्किल हो गया है, जिससे कई बीमारियां घेर लेती हैं।
इनमें से एक है अधकपारी या माइग्रेन — एक बेहद तकलीफदेह सिरदर्द।
अगर आप माइग्रेन से परेशान हैं, तो मदनफल madanphal (Mainfal) एक श्रेष्ठ आयुर्वेदिक औषधि है, जो इस समस्या में लाभकारी मानी जाती है।
⚠ सावधानी: मदनफल madanphal की प्रकृति उल्टी कराने वाली होती है, इसलिए इसका सेवन हमेशा चिकित्सक की देखरेख में करें।
मदनफल madanphal के नाम – विभिन्न भाषाओं में
| भाषा / प्रकार | नाम |
|---|---|
| वानस्पतिक नाम | Catunaregam spinosa |
| कुल | Rubiaceae |
| अंग्रेज़ी नाम | Emetic Nut, Bushy Gardenia |
| संस्कृत | मदन, छर्दन, पिण्ड, नट, करहाट, मरुवक आदि |
| हिन्दी | मैनफल, मदनफल madanphal , करहर |
| गुजराती | मींढोल, मींढल |
| तमिल | मरूक्कलम, पुंगारै |
| बंगाली | मेनफल, मयना कांटार गाछ |
| मराठी | गेल, गेलफल |
| अन्य भाषाएं | कोंकणी (गद्दी), उड़िया (पोटुआ), उर्दू (मैनफल), कन्नड़ (मंगरिकै), तेलुगु (बसन्त कड़िमि चेट्टु), पंजाबी (अरारा), मलयालम (कारा) |
आयुर्वेदीय गुण एवं प्रभाव
- प्रकृति: गर्म
- स्वाद: हल्का मीठा और तीखा
- गुण: उल्टी कराने वाला, फोड़े-फुंसी से पीप निकालने वाला, रूक्ष, घाव भरने वाला, कफ नाशक, अफारा और सूजन कम करने वाला।
- विशेष: आयुर्वेद में उल्टी कराने वाली जड़ी-बूटियों में मदनफल madanphal को सर्वोत्तम माना गया है।
मदनफल madanphal के 16 प्रमुख उपयोग
| क्रम | उपयोग / रोग | विधि |
|---|---|---|
| 1 | माइग्रेन | मदनफल madanphal + मिश्री, दूध में मिलाकर सूर्योदय से पहले 1–2 बूंद नाक में डालें |
| 2 | पेट दर्द | मदनफल madanphal + कुटकी, पीसकर नाभि पर लगाएं |
| 3 | कफ-पित्त समस्या | मदनफल madanphal को रातभर पानी में भिगोकर सुबह छानकर पिएं |
| 4 | सिर के रोग | मदनफल madanphal+ अफीम + पिप्पली, भूनकर पीसें, 1–2 बूंद नाक में डालें |
| 5 | दमा | मदनफल madanphal+ अर्कमूल छाल + मुलेठी, पाउडर बनाकर 2–5 ग्राम सेवन |
| 6 | बुखार | मदनफल madanphal चूर्ण + पिप्पली/मुलेठी, गुनगुना पानी पिलाएं (चिकित्सक की देखरेख में) |
| 7 | प्रसव पीड़ा | सूखे फल जलाकर धुआं योनि पर दें |
| 8 | खुजली | सिन्दूर + मदनफल madanphal + सौवीरांजन + गुग्गुलु, तेल में पकाकर लगाएं |
| 9 | नाभि हटना | बीज पाउडर + छाछ, गर्म कर नाभि के आसपास लगाएं |
| 10 | फोड़े | मदनफल madanphal + रेवंद चीनी का लेप लगाएं |
| 11 | चूहे का काटना | मदनफल madanphal + राख, प्रभावित जगह पर लगाएं |
| 12 | गठिया | मदनफल madanphal चूर्ण + गोमूत्र, जोड़ों पर लगाएं |
| 13 | कील-मुंहासे | मदनफल madanphal चूर्ण + गुलाबजल, चेहरे पर लगाएं |
| 14 | बांझपन | 1 ग्राम बीज चूर्ण + दूध + गुड़ + केसर, सेवन करें या बत्ती बनाकर योनि में रखें |
| 15 | अंडकोष सूजन | मदनफल madanphal+ पानी, लेप बनाकर लगाएं |
| 16 | अनाज में कीड़े रोकना | अधपके फल को अनाज में रखें |
सेवन के भाग और मात्रा
| भाग | मात्रा |
|---|---|
| बीज, फल, छाल, जड़ | — |
| उल्टी के लिए | 3–6 ग्राम |
| सामान्य सेवन | 1–2 ग्राम |
| दुष्प्रभाव में | कतीरा या ठंडे पेय |
माइग्रेन में मदद करने वाले अन्य घरेलू उपाय
- रातभर भिगोए किशमिश का सेवन
- जीरा-इलायची की चाय
- गाय का घी
- योगासन: शवासन, उष्ट्रासन, ब्रिज पोज, चाइल्ड पोज, पवनमुक्तासन
- आहार: काजू, बादाम, अखरोट, पालक
- परहेज: चाय, कॉफी, कैफीन, निकोटिन
चेतावनी
यह जानकारी केवल शिक्षा और जागरूकता के उद्देश्य से है। किसी भी औषधि का सेवन योग्य वैद्य की सलाह से करें।

