how to increase blog engagement
how to increase blog engagement

How To Increase Blog Engagement

Introduction 

सोचिए आपने बहुत मेहनत करके एक बेहतरीन Blog पोस्ट लिखी। आपने अपनी पूरी जान लगा दी, एक-एक शब्द को तराशा, लेकिन जब आपने उसे पब्लिश किया, तो कोई उसे पढ़ ही नहीं रहा है। न कोई कमेंट, न कोई शेयर। क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है। मेरे साथ तो कई बार हुआ है, खासकर जब मैंने ब्लॉगिंग की शुरुआत की थी। मुझे लगता था कि अगर मैं अच्छा लिखूंगा, तो लोग अपने-आप आएंगे। पर मैं ग़लत था। मुझे उस दिन एक बात समझ आई। सिर्फ़ अच्छा लिखना काफ़ी नहीं है, बल्कि आपको अपने पाठकों को जोड़े रखना भी आना चाहिए। यह एक दोस्ती जैसा है—आपको बस बात शुरू नहीं करनी, बल्कि उसे मज़ेदार भी बनाए रखना है।

तो, अगर आप भी इस उलझन में हैं कि लोग आपके blog को क्यों नहीं पढ़ रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए है। इसमें मैं आपको कोई किताबी ज्ञान नहीं दूँगा, बल्कि अपने पूरे अनुभव से बताऊँगा कि how to increase blog engagement। हम सीखेंगे कि कैसे अपने पाठकों को अपनी बातों में बाँधे रखें, उन्हें कमेंट करने पर मजबूर करें, और उन्हें अपने ब्लॉग से प्यार हो जाए। यह सिर्फ़ कोई ट्रिक नहीं है, बल्कि एक ऐसा तरीका है जिससे आप अपने पाठकों के साथ एक रिश्ता बना सकते हैं।

जब मैंने पहली बार इन तरीकों को आज़माया, तो मुझे यक़ीन नहीं हुआ। मेरे blog पर कमेंट्स आने लगे, लोग आर्टिकल को शेयर करने लगे, और मुझे एहसास हुआ कि मेरा लिखा हुआ काम कर रहा है। यह सब कोई जादू नहीं था, बल्कि मेरे प्रैक्टिकल अनुभव का नतीजा था। मुझे लगता है कि ब्लॉगिंग भी किसी दोस्ती जैसी चीज़ है—जितना आप उसमें दिल लगाएंगे, उतना ही वह आपको वापस देगा।

तो, क्या आप अपने blog को एक ऐसी जगह बनाने के लिए तैयार हैं जहाँ लोग सिर्फ़ आकर पढ़ें नहीं, बल्कि रुकें, बातें करें और एक-दूसरे से जुड़ें। अगर हाँ, तो चलिए इस मज़ेदार सफ़र की शुरुआत करते हैं।

Why Engagement Matters in Blog

आपने सोचा होगा कि सिर्फ़ अच्छे आर्टिकल लिखने से सब कुछ हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं है। अब एक बहुत ज़रूरी सवाल आता है। why engagement matters इसे ऐसे समझिए कि आपने एक बहुत अच्छी फ़िल्म बनाई, लेकिन अगर उसे कोई देखने ही न जाए या देखकर कोई बात ही न करे, तो क्या फ़िल्म बनाने का कोई फ़ायदा हुआ। नहीं ना। blog में भी ऐसा ही होता है। सिर्फ़ लोग आपके ब्लॉग को पढ़ें, ये काफ़ी नहीं है। जब वे उस पर रुकते हैं, कमेंट करते हैं, और उसे शेयर करते हैं, तभी वह ब्लॉग कामयाब होता है।

जब मैंने पहली बार यह बात सीखी थी, तो मुझे बहुत अजीब लगा। मुझे लगा था कि मेरा काम तो सिर्फ़ लिखना है। पर जब मैंने देखा कि मेरे आर्टिकल पर कोई कमेंट नहीं आ रहा था, तो मुझे बहुत दुख हुआ। मुझे लगा जैसे मैं सिर्फ़ हवा में बातें कर रहा हूँ। फिर मैंने समझा कि पाठक से जुड़ना बहुत ज़रूरी है। मेरी विशेषज्ञता इसी बात में है कि मैंने कई Blog को सिर्फ़ पढ़कर जाने वाली जगह से एक lively community में बदल दिया है। मेरा मानना है कि जब पाठक आपसे जुड़ते हैं, तो आपका blog एक घर जैसा बन जाता है।

तो, आइए जानते हैं कि why engagement matters है।

सबसे पहले, Google को यह पसंद है। जब लोग आपके blog पर ज़्यादा समय बिताते हैं, कमेंट करते हैं, और उसे शेयर करते हैं, तो Google को लगता है कि आपका कंटेंट बहुत अच्छा है। इससे Google आपके आर्टिकल को ऊपर दिखाना शुरू कर देता है। यह एक तरह का भरोसा है जो आप Google के साथ बनाते हैं।

दूसरा, आपके पाठक वापस आते हैं। अगर लोग आपके आर्टिकल को पसंद करते हैं और उस पर कमेंट करते हैं, तो वे दोबारा आपके blog पर आते हैं। यह आपकी एक पक्की रीडरशिप बनाता है। ये वही लोग होते हैं जो आपके blog को एक परिवार की तरह मानते हैं।

तीसरा, आपको नए आइडिया मिलते हैं। जब लोग कमेंट करते हैं, तो वे सवाल पूछते हैं और अपने आइडिया बताते हैं। इससे आपको पता चलता है कि वे और क्या जानना चाहते हैं, और आपको नए आर्टिकल लिखने के लिए आइडिया मिल जाते हैं। यह एक बहुत ही अच्छी बात है जो आपको अपने पाठकों की मदद करने में मदद करती है।

चौथा, इससे आपकी अथॉरिटी बनती है। जब लोग आपके आर्टिकल पर कमेंट करते हैं और सवाल पूछते हैं, तो आप उन्हें जवाब देकर एक एक्सपर्ट की तरह दिखते हैं। इससे लोग आप पर और भी ज़्यादा भरोसा करते हैं।

तो, आप देख सकते हैं कि why engagement matters यह सिर्फ़ कमेंट पाने के बारे में नहीं है। यह अपने पाठकों के साथ एक रिश्ता बनाने, अपने blog को Google में ऊपर लाने, और एक एक्सपर्ट बनने के बारे में है।

Tips To Boost Comments in Blog

अब जब आप जान गए हैं कि आपके blog के लिए इंगेजमेंट कितनी ज़रूरी है, तो अगला कदम है अपने पाठकों को बातचीत में शामिल करना। इसे समझने के लिए, हम बात करेंगे कि tips to boost comments इसे ऐसे समझिए कि आप अपने दोस्त के घर गए हैं, और वह आपसे कोई बात ही नहीं करता। तो आप भी चुपचाप बैठे रहते हैं, है ना।  लेकिन अगर वह आपसे पूछता है, “आज का दिन कैसा रहा।”, तो आप बात करना शुरू कर देते हैं। ब्लॉगिंग में भी यही होता है। आपको अपने पाठकों से सवाल पूछना होगा ताकि वे बात कर सकें।

जब मैंने ब्लॉगिंग शुरू की, तो मैं बस अपना आर्टिकल लिखकर छोड़ देता था। मुझे लगा कि अगर किसी को कुछ कहना होगा, तो वह कह देगा। पर ऐसा नहीं हुआ! मेरे आर्टिकल पर कोई कमेंट नहीं आता था। फिर मैंने एक एक्सपर्ट से सीखा कि आपको पाठकों से बात करनी होगी। मैंने अपने आर्टिकल के आखिर में सवाल पूछना शुरू किया, और अचानक मुझे कमेंट्स मिलने लगे। मेरा अनुभव है कि जब आप लोगों से सवाल पूछते हैं, तो वे जवाब ज़रूर देते हैं। मेरी विशेषज्ञता इसी बात में है कि मैंने कई Blog को सिर्फ़ पढ़कर जाने वाली जगह से एक lively community में बदल दिया है।

तो, आइए जानते हैं कि tips to boost comments हैं।

सबसे पहले, अपने आर्टिकल के आखिर में एक सवाल पूछें। यह सबसे आसान और असरदार तरीका है। जब आप आर्टिकल खत्म करते हैं, तो एक ऐसा सवाल पूछें जो आपके आर्टिकल से जुड़ा हो। जैसे, “आपको यह तरीका कैसा लगा।” या “आप और क्या जानना चाहेंगे।” इससे लोग जवाब देने के लिए मजबूर हो जाते हैं।

दूसरा, पाठकों के कमेंट्स का जवाब दें। जब कोई कमेंट करता है, तो उसे जवाब ज़रूर दें। इससे उन्हें लगता है कि उनकी बात सुनी जा रही है। अगर कोई सवाल पूछता है, तो उसका जवाब दें, और अगर कोई तारीफ करता है, तो उसे धन्यवाद कहें। इससे पाठक आप पर भरोसा करते हैं।

तीसरा, एक आसान कमेंट सिस्टम इस्तेमाल करें। अगर किसी को कमेंट करने के लिए बहुत सारी जानकारी भरनी पड़े, तो वे ऐसा नहीं करेंगे। एक ऐसा सिस्टम इस्तेमाल करें जहाँ कमेंट करना बहुत आसान हो।

चौथा, एक ऐसी भाषा में लिखें जो बातचीत जैसी हो। अगर आप बहुत ही मुश्किल भाषा में लिखते हैं, तो लोग आपसे जुड़ नहीं पाएंगे। आसान और दोस्ती वाली भाषा में लिखें, जैसे आप अपने किसी दोस्त से बात कर रहे हों।

तो, आप देख सकते हैं कि tips to boost comments ये सिर्फ़ सवाल पूछने के बारे में नहीं हैं। ये अपने पाठकों के साथ एक रिश्ता बनाने और उन्हें यह महसूस कराने के बारे में हैं कि उनकी राय मायने रखती है।

How To Write Engaging Content Blog

अब तक हमने यह समझा कि इंगेजमेंट कितनी ज़रूरी है। लेकिन असली सवाल तो यह है कि आखिर how to write engaging content इसे समझने के लिए, हम बात करेंगे कि दिलचस्प कंटेंट कैसे लिखें। इसे ऐसे समझिए कि आप अपने दोस्त को कोई कहानी सुना रहे हैं। अगर आपकी कहानी में मज़ा नहीं होगा, तो वह ऊब जाएगा और चला जाएगा। लेकिन अगर आपकी कहानी में कुछ नया, कुछ दिलचस्प और कुछ ऐसा होगा जिससे वह जुड़ पाए, तो वह उसे पूरा सुनेगा। ब्लॉगिंग में भी यही होता है—आपको अपने पाठकों को कहानी सुनानी है।

जब मैंने ब्लॉगिंग की शुरुआत की थी, तो मैं बस जानकारी दे देता था। जैसे, “इस मोबाइल में 8GB रैम है, इसलिए यह अच्छा है।” पर कोई मेरी बात पर ध्यान नहीं देता था। फिर मैंने अपना तरीका बदल दिया। मैंने लिखना शुरू किया, “सोचिए आप एक ऐसे मोबाइल की तलाश में हैं जो कभी हैंग न हो…”। अचानक, लोगों ने मेरी बात सुनना शुरू कर दिया। मेरे अनुभव से यह साबित हुआ है कि जब आप लोगों से सीधे बात करते हैं, तो वे आपकी बात पर भरोसा करते हैं। मेरी विशेषज्ञता यही है कि मैंने सिर्फ़ जानकारी देना नहीं, बल्कि एक कहानी सुनाना सीखा है, और यही चीज़ पाठकों को जोड़े रखती है।

तो, आइए जानते हैं कि how to write engaging content

सबसे पहले, एक कहानी की तरह लिखें। अपने आर्टिकल को एक कहानी की तरह शुरू करें—जैसे एक कहानी में होता है। शुरुआत, बीच का हिस्सा और अंत। अपने अनुभव, अपनी सोच और अपने विचारों को शामिल करें। जब आप अपनी बात किसी कहानी के रूप में कहते हैं, तो लोग उसे आसानी से समझ जाते हैं।

दूसरा, आसान शब्दों का इस्तेमाल करें। अपने आर्टिकल में ऐसे शब्द इस्तेमाल करें जिन्हें कोई भी समझ सके। मुश्किल शब्द इस्तेमाल करके आप सिर्फ़ अपने पाठकों को दूर करेंगे। सरल और साफ़ भाषा में लिखें, जैसे आप किसी दोस्त से बात कर रहे हों।

तीसरा, बीच-बीच में सवाल पूछें। अपने आर्टिकल के बीच में भी छोटे-छोटे सवाल पूछें, जैसे “क्या आपको ऐसा लगता है।” या “आपने कभी ऐसा किया है।”। इससे पाठक यह नहीं भूलते कि आप उनसे बात कर रहे हैं और वे सोचने पर मजबूर हो जाते हैं।

चौथा, छोटी-छोटी बातें लिखें। बड़े-बड़े पैराग्राफ़ पढ़ने में बहुत मुश्किल होते हैं। छोटे पैराग्राफ़ और वाक्य लिखें। इससे आपका आर्टिकल पढ़ने में आसान हो जाता है, खासकर जब कोई फ़ोन पर पढ़ रहा हो।

तो, आप देख सकते हैं कि how to write engaging content कोई मुश्किल काम नहीं है। यह सिर्फ़ लोगों से बात करने, उन्हें कहानी सुनाने और उन्हें यह महसूस कराने के बारे में है कि वे आपके साथ जुड़े हुए हैं।

Use Strong Ctas Blog

अब तक हमने दिलचस्प कंटेंट लिखने और कमेंट्स बढ़ाने के बारे में सीखा। लेकिन एक और बहुत ज़रूरी बात है जो आपके पाठकों को कुछ करने के लिए कहती है। इसे समझने के लिए, हम बात करेंगे कि आपको एक use strong ctas कैसे करना चाहिए। इसे ऐसे समझिए कि आप अपने दोस्त को कोई अच्छी चीज़ दिखाते हैं और कहते हैं, “अगर तुम्हें यह पसंद आया, तो इसे अपने पास रखो।” CTA भी कुछ ऐसा ही है, जहाँ आप अपने पाठक को कुछ करने के लिए कहते हैं—जैसे कमेंट करना, शेयर करना, या कुछ खरीदना।

जब मैंने पहली बार ब्लॉगिंग शुरू की, तो मैं अपने आर्टिकल के आखिर में बस “धन्यवाद” लिख देता था। इससे मेरे पाठक कुछ भी नहीं करते थे। फिर मैंने अपने गुरु से सीखा कि मुझे उन्हें बताना होगा कि आगे क्या करना है। मैंने अपने आर्टिकल के आखिर में एक सवाल पूछना शुरू किया, जैसे, “क्या आपने कभी ऐसा किया है।” और मुझे जवाब मिलने लगे। मेरा अनुभव है कि लोग आपकी बात तभी मानते हैं जब आप उन्हें रास्ता दिखाते हैं। मेरी विशेषज्ञता इसी बात में है कि मैंने कई Blog में CTA का इस्तेमाल करके उन्हें सिर्फ़ पढ़ने वाली जगह से एक एक्शन-प्लेटफ़ॉर्म में बदल दिया है।

चलिए, अब जानते हैं कि आपको एक use strong ctas कैसे करना चाहिए।

सबसे पहले, अपने CTA को साफ़ और सीधा रखें। CTA का मतलब है ‘Call to Action’, जो एक बटन या टेक्स्ट होता है और लोगों को बताता है कि अब उन्हें क्या करना है। जैसे, “अभी डाउनलोड करें,” “यहाँ क्लिक करें,” या “अपनी राय कमेंट करें।” इसे इतना आसान रखें कि कोई भी इसे तुरंत समझ जाए। कोशिश करें कि मुश्किल शब्दों का इस्तेमाल बिल्कुल न करें।

दूसरा, CTA को आर्टिकल के आखिर में रखें। जब पाठक आपका आर्टिकल पूरा पढ़ लेते हैं, तो वे जानना चाहते हैं कि आगे क्या करें। आर्टिकल के आखिर में एक साफ़ CTA रखें। इससे पाठक को पता चल जाएगा कि उन्हें क्या करना है।

तीसरा, CTA को खास और एक्शन-ओरिएंटेड बनाएँ। सिर्फ़ “यहाँ क्लिक करें” न लिखें। इसके बजाय, “ब्लॉगिंग शुरू करने के लिए यहाँ क्लिक करें” या “कमेंट करके अपनी राय बताएँ” लिखें। इससे पाठक को पता चल जाएगा कि वह क्या करने वाला है और उसे क्या मिलेगा।

चौथा, लोगों को तुरंत फ़ायदा बताएँ। अपने CTA में लोगों को बताएँ कि उन्हें क्या फ़ायदा होगा। जैसे, “मुफ़्त ई-बुक डाउनलोड करें और 5 दिनों में ब्लॉगर बनें!” इससे लोग तुरंत उस पर क्लिक करते हैं। यह आपकी विश्वसनीयता को बढ़ाता है क्योंकि आप उन्हें कुछ दे रहे हैं।

तो, आप देख सकते हैं कि आपको एक use strong ctas कैसे करना चाहिए। यह सिर्फ़ लोगों को कुछ करने के लिए कहने के बारे में नहीं है, बल्कि उन्हें रास्ता दिखाने और उन्हें यह महसूस कराने के बारे में है कि उनकी राय मायने रखती है।

How To Promote Your Blog

अब तक आपने दिलचस्प कंटेंट लिखना सीख लिया, एक मज़बूत CTA भी इस्तेमाल करना जान लिया। लेकिन एक और बहुत ज़रूरी काम है जो आपके blog को लोगों तक पहुँचाता है। इसे समझने के लिए, हम बात करेंगे कि how to promote your blog इसे ऐसे समझिए कि आपने एक बहुत सुंदर पेंटिंग बनाई है। अगर आप उसे अपने कमरे में ही रखेंगे, तो कोई नहीं देखेगा। लेकिन अगर आप उसे किसी गैलरी में लगाएँगे, तो बहुत सारे लोग उसे देखेंगे और उसकी तारीफ़ करेंगे, है ना। blog भी कुछ ऐसा ही है, जिसे लोगों तक पहुँचाना ज़रूरी है।

जब मैंने पहली बार blog लिखा था, तो मैं उसे बस पब्लिश करके भूल जाता था। मुझे लगता था कि Google उसे अपने-आप लोगों तक पहुँचा देगा। पर मेरे आर्टिकल को कोई नहीं पढ़ता था। फिर मैंने अपने सीनियर से सीखा कि मुझे अपने आर्टिकल को खुद लोगों तक पहुँचाना होगा। मैंने सोशल मीडिया पर अपने आर्टिकल शेयर करना शुरू किया, और मुझे धीरे-धीरे लोग मिलने लगे। मेरा अनुभव है कि आप जितना ज़्यादा अपने काम को लोगों को दिखाएँगे, उतना ही ज़्यादा आपको लोग मिलेंगे। मेरी विशेषज्ञता इसी बात में है कि मैंने कई Blog को सिर्फ़ लिखकर ही नहीं, बल्कि सही तरीके से प्रमोट करके सफल बनाया है।

तो, आइए जानते हैं कि आप how to promote your blog कर सकते हैं।

सबसे पहले, सोशल मीडिया का इस्तेमाल करें। Facebook, Instagram, Twitter और LinkedIn जैसे प्लेटफ़ॉर्म आपके लिए बहुत काम के हो सकते हैं। अपने आर्टिकल को एक अच्छी सी तस्वीर के साथ शेयर करें। लोगों को एक छोटा सा हिस्सा पढ़कर बताएँ कि आपके आर्टिकल में क्या है। इससे लोग आपके आर्टिकल को देखने के लिए उत्साहित होते हैं।

दूसरा, अपनी ईमेल लिस्ट बनाएँ। यह आपके पाठकों को सीधे तौर पर जोड़ने का सबसे अच्छा तरीका है। जब कोई आपके ब्लॉग पर आता है, तो उसे अपनी ईमेल लिस्ट में जुड़ने के लिए कहें। आप उन्हें कुछ मुफ़्त में दे सकते हैं, जैसे कोई गाइड या ई-बुक। जब आप कोई नया आर्टिकल लिखते हैं, तो उन्हें ईमेल भेजें। इससे वे सीधे आपके पास आते हैं।

तीसरा, दूसरे ब्लॉगर्स के साथ जुड़ें। आप अपने जैसे दूसरे ब्लॉगर्स के साथ बात कर सकते हैं। आप उनके ब्लॉग पर कमेंट कर सकते हैं या उनके आर्टिकल को शेयर कर सकते हैं। इससे वे आपको जान जाते हैं, और शायद वे भी आपके आर्टिकल को शेयर करें। यह एक तरह की दोस्ती है जो ब्लॉगिंग में बहुत काम आती है।

चौथा, ऑनलाइन कम्युनिटीज़ में शामिल हों। Facebook ग्रुप्स, Reddit या Quora जैसी जगहों पर आप अपने विषय से जुड़ी बातें कर सकते हैं। जब कोई सवाल पूछता है, तो आप अपने आर्टिकल का लिंक देकर उसकी मदद कर सकते हैं। इससे लोग आपके ब्लॉग पर आते हैं और आप पर भरोसा करते हैं।

तो, आप देख सकते हैं कि how to promote your blog करना कोई मुश्किल काम नहीं है। यह सिर्फ़ अपने काम को लोगों तक पहुँचाने और उनसे जुड़ने के बारे में है।

Track Engagement Metrics

आपने अपने ब्लॉग को प्रमोट करना सीख लिया है, लेकिन एक और बात है जिसे जानना बहुत ज़रूरी है—आपको कैसे पता चलेगा कि आपका काम कर रहा है या नहीं। इसे समझने के लिए, हम बात करेंगे कि आपको अपनी track engagement metrics करना चाहिए। इसे ऐसे समझिए कि आप कोई पौधा लगाते हैं। अगर आप उसे रोज़ नहीं देखेंगे कि वह कितना बड़ा हो रहा है, तो आपको पता ही नहीं चलेगा कि वह बढ़ रहा है या नहीं। ब्लॉगिंग में भी ऐसा ही है। आपको यह देखना होगा कि आपके पाठक आपके ब्लॉग पर क्या कर रहे हैं।

जब मैंने पहली बार ब्लॉगिंग शुरू की थी, तो मैं बस खुश होता था कि मेरे ब्लॉग पर लोग आ रहे हैं। पर मुझे यह नहीं पता था कि वे कितनी देर रुकते हैं या उन्हें क्या पसंद है। फिर मैंने Google Analytics का इस्तेमाल करना सीखा। मुझे एहसास हुआ कि मैं अब तक हवा में तीर चला रहा था। डेटा ने मुझे बताया कि मेरे पाठक क्या पसंद करते हैं और क्या नहीं। मेरा अनुभव है कि जब आप नंबरों को देखते हैं, तो आप बेहतर फ़ैसले ले सकते हैं। मेरी विशेषज्ञता इसी बात में है कि मैं डेटा को पढ़कर यह बता सकता हूँ कि कौन-सी पोस्ट काम कर रही है और कौन-सी नहीं।

तो, आइए जानते हैं कि आपको अपनी track engagement metrics करना चाहिए।

सबसे पहले, Google Analytics को देखें। यह एक मुफ़्त टूल है जो आपको बताता है कि आपके ब्लॉग पर कितने लोग आ रहे हैं, वे कौन-सी पोस्ट पढ़ रहे हैं, और कितनी देर तक रुकते हैं। इसमें एक बहुत ज़रूरी चीज़ होती है, जिसे बाउंस रेट (bounce rate) कहते हैं। इसका मतलब है कि कितने लोग आपकी वेबसाइट पर आते ही वापस चले जाते हैं। अगर यह नंबर ज़्यादा है, तो इसका मतलब है कि लोग आपके आर्टिकल को पसंद नहीं कर रहे हैं।

दूसरा, कमेंट्स और शेयर्स को देखें। यह सबसे आसान तरीका है यह जानने का कि लोग आपके आर्टिकल को कितना पसंद करते हैं। अगर आपके आर्टिकल पर बहुत सारे कमेंट्स और शेयर्स आते हैं, तो इसका मतलब है कि लोगों को आपका कंटेंट पसंद आया है।

तीसरा, पेज व्यूज (page views) को ट्रैक करें। पेज व्यूज का मतलब है कि आपके आर्टिकल को कितनी बार देखा गया है। अगर आपके पेज व्यूज बढ़ रहे हैं, तो इसका मतलब है कि आपका आर्टिकल लोगों तक पहुँच रहा है।

चौथा, लोगों के सवालों पर ध्यान दें। जब लोग आपसे कमेंट्स में या सोशल मीडिया पर सवाल पूछते हैं, तो वे आपको बता रहे होते हैं कि उन्हें क्या जानना है। इन सवालों से आपको नए आर्टिकल लिखने के लिए आइडिया मिल सकते हैं।

तो, आप देख सकते हैं कि track engagement metrics करना सिर्फ़ नंबरों को देखने के बारे में नहीं है। यह अपने पाठकों को समझने और अपने ब्लॉग को बेहतर बनाने के बारे में है।

How To Improve Internal Linking

अब तक आपने अपने ब्लॉग को बेहतर बनाने के बारे में बहुत कुछ सीखा। लेकिन एक और जादू है जो आपके ब्लॉग को Google की नज़रों में और भी खास बना सकता है। इसे समझने के लिए, हम बात करेंगे कि how to improve internal linking इसे ऐसे समझिए कि आप एक घर बनाते हैं और हर कमरे को एक-दूसरे से जोड़ देते हैं ताकि लोग एक कमरे से दूसरे कमरे में आसानी से जा सकें। इंटरनल लिंकिंग भी कुछ ऐसा ही है—यह आपके ब्लॉग के आर्टिकल्स को एक-दूसरे से जोड़ती है।

जब मैंने ब्लॉगिंग शुरू की, तो मैं बस आर्टिकल लिखकर उन्हें पब्लिश कर देता था। मुझे इंटरनल लिंकिंग के बारे में कुछ पता ही नहीं था। फिर मैंने अपने एक दोस्त से सीखा कि अगर मैं अपने आर्टिकल्स को एक-दूसरे से जोड़ दूँ, तो Google को मेरा ब्लॉग ज़्यादा पसंद आएगा। मैंने अपने पुराने आर्टिकल्स में नए आर्टिकल के लिंक डालना शुरू किया, और मुझे फ़ायदा दिखने लगा। मेरा अनुभव है कि इंटरनल लिंकिंग एक बहुत ही आसान तरीका है अपने ब्लॉग को बेहतर बनाने का। मेरी विशेषज्ञता इसी बात में है कि मैंने इंटरनल लिंकिंग का सही इस्तेमाल करके अपने कई आर्टिकल्स को Google में ऊपर लाया है।

तो, आइए जानते हैं कि how to improve internal linking

सबसे पहले, जब भी कोई नया आर्टिकल लिखें, तो उसमें अपने पुराने आर्टिकल के लिंक ज़रूर डालें। जब आप कोई नया आर्टिकल लिखते हैं, तो सोचें कि आपके कौन-से पुराने आर्टिकल इस नए आर्टिकल से जुड़े हैं। उन पुराने आर्टिकल्स का लिंक नए आर्टिकल में डालें। यह आपके पाठकों को और जानकारी देगा।

दूसरा, अपने पुराने आर्टिकल्स को अपडेट करें और उनमें नए आर्टिकल के लिंक डालें। यह भी बहुत ज़रूरी है। अपने पुराने आर्टिकल्स को दोबारा देखें और सोचें कि आप उनमें कौन-से नए आर्टिकल्स के लिंक डाल सकते हैं। यह Google को दिखाता है कि आपका ब्लॉग अभी भी एक्टिव है।

तीसरा, अपने लिंक को साफ़ और सीधा रखें। अपने लिंक को ऐसे शब्दों पर डालें जो लोगों को बताते हैं कि वे कहाँ जाने वाले हैं। जैसे, “अगर आप SEO के बारे में और जानना चाहते हैं, तो यहाँ क्लिक करें।” यह लोगों को पता चलता है कि वे कहाँ जाने वाले हैं।

चौथा, ज़रूरत से ज़्यादा लिंक न डालें। अपने आर्टिकल में बहुत सारे लिंक न डालें। सिर्फ़ वहीं लिंक डालें जहाँ उनकी ज़रूरत हो। अगर आप बहुत ज़्यादा लिंक डालेंगे, तो पाठक परेशान हो सकते हैं।

तो, आप देख सकते हैं कि how to improve internal linking बनाना कोई मुश्किल काम नहीं है। यह सिर्फ़ अपने आर्टिकल्स को एक-दूसरे से जोड़ने और पाठकों को ज़्यादा जानकारी देने के बारे में है।

Enhance Blog Design

अब तक हमने ब्लॉगिंग की बहुत सारी बातें सीखी हैं। लेकिन एक और चीज़ है जो लोगों को आपके ब्लॉग पर रोक सकती है। उसका डिज़ाइन। इसे समझने के लिए, हम बात करेंगे कि अपने enhance blog design इसे ऐसे समझिए कि आप किसी दुकान में जाते हैं। अगर दुकान साफ़-सुथरी और सुंदर होगी, तो आप वहाँ ज़्यादा देर रुकेंगे। लेकिन अगर वह गंदी और बिखरी हुई होगी, तो आप तुरंत बाहर निकल जाएंगे, है ना। ब्लॉग भी कुछ ऐसा ही है। अगर उसका डिज़ाइन अच्छा नहीं होगा, तो पाठक रुकेंगे नहीं।

जब मैंने ब्लॉगिंग शुरू की थी, तो मेरा ब्लॉग बहुत ही साधारण दिखता था। मुझे लगता था कि सिर्फ़ अच्छा कंटेंट काफ़ी है। पर मेरे एक दोस्त ने मुझे बताया कि अगर मैं अपने ब्लॉग को सुंदर बनाऊँगा, तो लोग उसे ज़्यादा पसंद करेंगे। मैंने कुछ बदलाव किए, और मुझे फ़ायदा दिखने लगा। मेरा अनुभव है कि लोग सबसे पहले आँखों से पढ़ते हैं, और फिर दिमाग़ से। मेरी विशेषज्ञता इसी बात में है कि मैंने अपने ब्लॉग के डिज़ाइन को बदलकर अपनी इंगेजमेंट को बढ़ाया है।

तो, आइए जानते हैं कि आप अपने enhance blog design बना सकते हैं।

सबसे पहले, एक साफ़ और सिंपल डिज़ाइन चुनें। बहुत ज़्यादा रंग और बहुत ज़्यादा चीज़ें आपके ब्लॉग को गंदा बना सकती हैं। एक साफ़ और सिंपल डिज़ाइन चुनें ताकि लोगों का ध्यान सिर्फ़ आपके कंटेंट पर जाए।

दूसरा, फ़ॉन्ट को पढ़ने में आसान बनाएँ। आपके आर्टिकल में जो शब्द हैं, उन्हें पढ़ने में आसान होना चाहिए। बहुत ही छोटे या बहुत ही स्टाइलिश फ़ॉन्ट का इस्तेमाल न करें। एक ऐसा फ़ॉन्ट चुनें जो हर कोई आसानी से पढ़ सके।

तीसरा, तस्वीरें और वीडियो का इस्तेमाल करें। तस्वीरें और वीडियो आपके आर्टिकल को और भी ज़्यादा दिलचस्प बनाते हैं। अपने आर्टिकल में जहाँ भी ज़रूरत हो, वहाँ अच्छी तस्वीरें और वीडियो डालें। यह लोगों को जोड़े रखता है।

चौथा, मोबाइल के लिए अपने ब्लॉग को ठीक करें। आजकल ज़्यादातर लोग फ़ोन पर इंटरनेट इस्तेमाल करते हैं। इसलिए, आपका ब्लॉग फ़ोन पर भी अच्छा दिखना चाहिए। अगर आपका ब्लॉग फ़ोन पर अच्छा नहीं दिखेगा, तो लोग उसे छोड़ देंगे। यह एक बहुत ही ज़रूरी बात है।

तो, आप देख सकते हैं कि अपने enhance blog design बनाना कोई मुश्किल काम नहीं है। यह सिर्फ़ अपने ब्लॉग को साफ़, सुंदर और पढ़ने में आसान बनाने के बारे में है।

Show Social Proof

अब तक आपने अपने ब्लॉग को बेहतर बनाने के बारे में बहुत कुछ सीखा। लेकिन एक और चीज़ है जो लोगों का आप पर भरोसा बढ़ा सकती है। इसे समझने के लिए, हम बात करेंगे कि आप अपने ब्लॉग पर show social proof इसे ऐसे समझिए कि आप कोई सामान खरीदने गए हैं, और दुकानदार कहता है कि यह सामान बहुत बढ़िया है। आप शायद उसकी बात पर इतना यकीन न करें। लेकिन अगर कोई दूसरा ग्राहक आकर कहे, “मैंने इसे इस्तेमाल किया है, और यह वाकई बहुत अच्छा है,” तो आप उस सामान को ज़रूर खरीदेंगे, है ना।  इसी तरह, जब आप अपने ब्लॉग पर लोगों को यह दिखाते हैं कि दूसरे लोग आपको पसंद करते हैं, तो लोग आप पर भरोसा करते हैं।

जब मैंने ब्लॉगिंग शुरू की, तो मैं बस अपना काम करता था। मुझे लगता था कि मेरे काम को देखकर लोग अपने-आप समझ जाएंगे कि मैं कितना अच्छा हूँ। पर ऐसा नहीं हुआ। फिर मैंने एक एक्सपर्ट से सीखा कि मुझे लोगों को दिखाना होगा कि दूसरे लोग मेरे काम के बारे में क्या कहते हैं। मैंने अपने आर्टिकल के नीचे कमेंट्स दिखाना शुरू किया, और मुझे फ़ायदा दिखने लगा। मेरा अनुभव है कि जब लोग देखते हैं कि दूसरे लोग भी आपकी तारीफ़ कर रहे हैं, तो वे आप पर भरोसा करते हैं। मेरी विशेषज्ञता इसी बात में है कि मैंने अपने ब्लॉग पर सोशल प्रूफ का इस्तेमाल करके अपनी विश्वसनीयता को बढ़ाया है।

तो, आइए जानते हैं कि आप show social proof दिखाएँ।

सबसे पहले, अपने बेस्ट कमेंट्स को दिखाएँ। जब आपके आर्टिकल पर कोई अच्छा कमेंट आता है, तो आप उसे अपने ब्लॉग के साइड में या अपने आर्टिकल के नीचे दिखा सकते हैं। इससे लोग देख सकते हैं कि दूसरे लोग आपके काम के बारे में क्या सोचते हैं। यह आपकी अथॉरिटी को बढ़ाता है।

दूसरा, आपके आर्टिकल कितने शेयर हुए हैं, उसे दिखाएँ। अगर आपका आर्टिकल सोशल मीडिया पर बहुत ज़्यादा शेयर हुआ है, तो उस नंबर को अपने आर्टिकल के ऊपर या नीचे दिखाएँ। जैसे, “यह आर्टिकल 500 से ज़्यादा बार शेयर हुआ है!” इससे लोगों को लगता है कि आपका आर्टिकल बहुत अच्छा है।

तीसरा, अगर किसी बड़े ब्लॉगर ने आपके आर्टिकल की तारीफ़ की है, तो उसे दिखाएँ। अगर किसी बड़े ब्लॉगर या किसी कंपनी ने आपके काम की तारीफ़ की है, तो आप उसे अपने ब्लॉग पर दिखा सकते हैं। इससे लोग आप पर और भी ज़्यादा भरोसा करते हैं।

चौथा, अगर आपके पास कोई टेस्टिमोनियल (testimonial) है, तो उसे दिखाएँ। अगर किसी क्लाइंट ने आपके काम के बारे में कुछ अच्छा लिखा है, तो उसे अपने ब्लॉग पर दिखाएँ। यह लोगों को दिखाता है कि आप कितने अच्छे राइटर हैं।

तो, आप देख सकते हैं कि show social proof कोई मुश्किल काम नहीं है। यह सिर्फ़ अपने काम के बारे में लोगों की राय को दिखाने के बारे में है, ताकि वे आप पर भरोसा कर सकें।

Avoid Engagement Mistakes

अब जब आप अपने ब्लॉग को बेहतर बनाने के लिए सब कुछ सीख रहे हैं, तो एक और बहुत ज़रूरी बात आती है—आपको कौन-सी ग़लतियाँ करने से बचना चाहिए। इसे समझने के लिए, हम बात करेंगे कि आपको avoid engagement mistakes

करने से बचना चाहिए। इसे ऐसे समझिए कि आप कोई नया खेल सीख रहे हैं। आपको पता है कि क्या करना है, लेकिन आपको यह भी पता होना चाहिए कि क्या नहीं करना है, वरना आप हार सकते हैं। ब्लॉगिंग में भी कुछ ऐसा ही है।

जब मैंने ब्लॉगिंग शुरू की थी, तो मैं बहुत सी ग़लतियाँ करता था। मैं लोगों के कमेंट्स का जवाब नहीं देता था और मुझे लगता था कि इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता। पर मुझे जल्द ही एहसास हुआ कि जब मैं जवाब नहीं देता, तो लोग मुझसे जुड़ नहीं पाते। मेरी विशेषज्ञता इसी बात में है कि मैंने ये ग़लतियाँ खुद की हैं, और मैं आपको बता सकता हूँ कि कौन-सी ग़लतियाँ आपके ब्लॉग को बर्बाद कर सकती हैं।

चलिए, अब जानते हैं कि कौन-सी ग़लतियाँ आपको avoid engagement mistakes करनी चाहिए।

सबसे पहले, कमेंट्स को अनदेखा न करें। अगर कोई आपके आर्टिकल पर कमेंट करता है, तो उसे जवाब ज़रूर दें। अगर आप जवाब नहीं देंगे, तो लोग अगली बार कमेंट नहीं करेंगे। यह बहुत ज़रूरी है, क्योंकि यह आपके और आपके पाठक के बीच का रिश्ता है।

दूसरा, सिर्फ़ बेचने के लिए न लिखें। आपका ब्लॉग सिर्फ़ पैसे कमाने के लिए नहीं है। यह लोगों की मदद करने के लिए है। अगर आप सिर्फ़ अपने प्रॉडक्ट या सर्विस के बारे में लिखेंगे, तो लोग ऊब जाएंगे और चले जाएंगे। पहले लोगों की मदद करें, और फिर वे आप पर भरोसा करेंगे और आपके प्रॉडक्ट खरीदेंगे।

तीसरा, अपने पाठकों से बात करना बंद न करें। जब आपका ब्लॉग बड़ा हो जाता है, तो आपको लोगों से बात करना बंद नहीं करना चाहिए। आप अभी भी एक दोस्त की तरह ही बात करें। अगर आप बहुत ऑफिशियल हो जाएंगे, तो लोग आपसे दूर हो जाएंगे।

चौथा, बेकार के सवाल न पूछें। अपने आर्टिकल के आखिर में एक अच्छा सवाल पूछें। ऐसा सवाल न पूछें जिसका कोई फ़ायदा न हो। सवाल ऐसा होना चाहिए कि लोगों को उसका जवाब देने में मज़ा आए।

तो, आप देख सकते हैं कि आपको avoid engagement mistakes करने से बचना चाहिए, यह सिर्फ़ गलतियाँ न करने के बारे में नहीं है। यह अपने पाठकों का सम्मान करने और उनके साथ एक रिश्ता बनाने के बारे में है।

Conclusion

तो दोस्तों, यह था इंगेजमेंट बढ़ाने का हमारा सफ़र। हमने यह जाना कि इंगेजमेंट सिर्फ़ नंबरों का खेल नहीं है, बल्कि यह अपने पाठकों से रिश्ता बनाने जैसा है। मेरे लिए तो सबसे ज़्यादा काम की चीज़ यह रही कि जब मैंने अपने पाठकों को एक इंसान की तरह समझना शुरू किया, तो मेरे ब्लॉग पर सब कुछ बदल गया। मुझे एहसास हुआ कि वे सिर्फ़ पाठक नहीं हैं, बल्कि मेरे दोस्त हैं।

अगर मैं अपने छोटे भाई को यह समझाता, तो मैं बस इतना कहता। “देख भाई, अगर तू चाहता है कि लोग तेरी बात सुनें, तो पहले तू उनकी बात सुन। उनसे सवाल पूछ, उनके कमेंट्स का जवाब दे, और उन्हें दिखा कि तुझे उनकी परवाह है।”

मुझे उम्मीद है कि इस पोस्ट से आपने कुछ नया सीखा होगा और आपको अपने ब्लॉग पर इंगेजमेंट बढ़ाने के लिए कुछ अच्छे आइडिया मिले होंगे। याद रखना, यह सब एक दिन में नहीं होता। आपको लगातार मेहनत करनी होगी।

तो, अब बताओ, क्या तुम्हें कुछ नया सीखने को मिला। या क्या तुम इनमें से कोई तरीका आज़माने वाले हो। मुझे कमेंट्स में ज़रूर बताना। मैं तुम्हारी राय जानने के लिए बेताब हूँ।

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