Blogging Dead
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Is Blogging Dead in 2025? The Truth Behind the Trend Shift

Introduction

Is Blogging Dead in 2025? आजकल यूट्यूब पर कई लोग अपनी गूगल ऐडसेंस आय को प्रदर्शित कर रहे हैं। वे स्क्रीनशॉट और वेब पेज साझा करते हैं जिनमें प्रतिदिन हजारों डॉलर या मासिक 25,000 डॉलर तक की कमाई दिखाई जाती है। हालांकि कुछ लोग अपनी वेबसाइट के यूआरएल को छिपाने लगे हैं और जैसे ही उन्होंने ऐसा करना शुरू किया उनकी आय $300 से बढ़कर $1,000 या उससे अधिक हो गई। इससे युवा उत्साही हो रहे हैं और थीम, प्लगइन्स, डोमेन और होस्टिंग खरीदने में भारी राशि खर्च कर रहे हैं। लेकिन क्या यह सब सही दिशा में है या यूट्यूब पर गलत मार्गदर्शन चल रहा है इस लेख में हम ब्लॉगिंग और यूट्यूब की वास्तविकता, इसके विकास और आज के समय में इसकी चुनौतियों पर चर्चा करेंगे।

The Reality of Teaching Blogging (ब्लॉगिंग सिखाने की वास्तविकता)

आज ब्लॉगिंग से अधिक पैसा ब्लॉगिंग सिखाने में है। चार-पांच साल पहले जब मैंने ब्लॉगिंग शुरू की थी तब यूट्यूब पर हिंदी में ब्लॉगिंग सिखाने वाले केवल 10-12 लोग थे। उनकी वीडियो नियमित रूप से आती थीं और लोग उन्हें देखकर प्रेरित होते थे। लेकिन आज यूट्यूब पर ब्लॉगिंग से संबंधित सर्च करने पर 500 से अधिक यूट्यूबर्स की वीडियो दिखती हैं और यह संख्या शायद हजार से भी अधिक हो सकती है। हर कोई ब्लॉगिंग सिखाने की कोशिश कर रहा है और उनके पास हजारों सब्सक्राइबर्स हैं। आखिर ऐसा क्या हुआ कि आज इतने सारे लोग ब्लॉगिंग सिखाने लगे?

An Inspiring Event (एक प्रेरक घटना)

मुझे मेरे दोस्त के मामा जी के साथ हुई एक घटना याद आती है। उनके पास एक रोजगार कार्यालय है जहां विभिन्न देशों के क्लाइंट आते हैं और स्थानीय लोग उनके लिए साक्षात्कार देते हैं। एक बार मैं उनके कार्यालय में बैठा था जब एक व्यक्ति ने उनसे कहा कि उसे विदेश में नौकरी चाहिए क्योंकि वह बहुत परेशान है। मामा जी ने उससे पूछा कि वह क्या करता है। उसने बताया कि वह वॉल पेंटर का हेल्पर है। मामा जी ने उसे एक रोलर और ब्रश देकर दीवार पर रंग करने को कहा। उसने यह काम बखूबी किया।

मामा जी ने उससे कहा आज से तुम हेल्पर नहीं वॉल पेंटर हो। मैंने उनसे पूछा कि वह ऐसा क्यों कह रहे हैं। उनका जवाब था कि निर्माण कार्य में अगर कोई कुछ नहीं कर सकता तो वह कम से कम ब्रश तो चला ही सकता है। यह इतना आसान काम है कि कोई भी 2-3 दिन में प्रशिक्षण लेकर सीख सकता है। एक हेल्पर 10,000-15,000 रुपये कमा सकता है लेकिन एक वॉल पेंटर आसानी से 20,000-25,000 रुपये कमा सकता है। उनकी यह बात मुझे आज Blogging के संदर्भ में याद आती है। आज जिसे कुछ नहीं आता वह ब्लॉगर बन रहा है और जिसे ब्लॉगिंग नहीं आती वह यूट्यूब पर दूसरों को सिखाने लगता है।

The Changing Landscape of YouTube and Blogging (यूट्यूब और ब्लॉगिंग का बदलता परिदृश्य)

चार-पांच साल पहले यूट्यूब और Blogging करना अपेक्षाकृत आसान था। गूगल के अपडेट्स इतने जटिल नहीं थे और ब्लॉगिंग में सफलता पाना सरल था। लेकिन आज गूगल के लगातार अपडेट्स ने ब्लॉगर्स की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई लोगों की वेबसाइट्स पेनलाइज हो रही हैं और वे हताश होकर यूट्यूब की ओर रुख कर रहे हैं। यूट्यूब पर लोग दूसरों की वीडियो देखकर उनके कॉन्टेंट को फिर से लिखकर या कॉपी करके नया कॉन्टेंट बना रहे हैं। यूट्यूब पर ऐसी आजादी है कि कोई प्लैजियारिज्म स्कोर नहीं होता जिसका ब्लॉगर्स को डर रहता है।

मैंने जब यूट्यूब शुरू किया था मुझे सिखाने का जुनून था। मैं 2 मिनट की वीडियो को 20 मिनट की बना देता था। उस समय यूट्यूब करना कठिन था और ब्लॉगिंग आसान थी। मैंने Blogging को चुना लेकिन आज मुझे लगता है कि अगर आप यूट्यूब कर रहे हैं तो ब्लॉगिंग के लिए समय निकालना मुश्किल है। अगर ब्लॉगिंग से अच्छी कमाई हो रही है तो लोग यूट्यूब पर जाकर दूसरों को ब्लॉगिंग सिखाने नहीं आते।

Misleading Earnings Performance (भ्रामक आय प्रदर्शन)

यूट्यूब पर लोग अपनी भारी-भरकम ऐडसेंस आय दिखा रहे हैं। वे स्क्रीनशॉट और वेब पेज साझा करते हैं जिनमें हजारों डॉलर की दैनिक या 25,000-30,000 डॉलर की मासिक कमाई दिखाई जाती है। सवाल यह है कि अगर इतनी कमाई हो रही है तो लोग इसे क्यों उजागर कर रहे हैं? पहले लोग खुलकर अपनी आय दिखाते थे जैसे $30-$500 मासिक और दूसरों को प्रोत्साहित करते थे। लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने अपनी पब्लिशर आईडी और यूआरएल छिपाना शुरू कर दिया। इसके बाद उनकी आय अचानक $300 से बढ़कर $20,000-$30,000 मासिक हो गई।

मेरे लिए जो वेब डिजाइनिंग और डैशबोर्ड बनाने में पारंगत है ऐडसेंस का क्लोन डैशबोर्ड बनाना कोई मुश्किल काम नहीं है। मैं यह नहीं कह रहा कि यूट्यूब पर सब कुछ फर्जी है लेकिन मुझे लगता है कि आज यूट्यूब लोगों को इतनी आजादी दे रहा है कि वे जो चाहें वह दिखा सकते हैं। इससे युवा भटक रहे हैं और थीम, प्लगइन्स, डोमेन और होस्टिंग खरीदने में पैसा बर्बाद कर रहे हैं। वे यह नहीं देखते कि एक सफल वेबसाइट के पीछे कितनी मेहनत और कितनी बड़ी टीम होती है।

The Revolutionary Phase of Blogging (ब्लॉगिंग के क्रांतिकारी चरण)

Event Blogging

पांच-छह साल पहले इवेंट ब्लॉगिंग का दौर था। लोग WhatsApp पर “हैप्पी होली” या “हैप्पी दिवाली” जैसे मैसेज शेयर करते थे जिनमें लिंक होता था। इस लिंक पर क्लिक करने से लोग ब्लॉग पर पहुंचते थे जहां ऐड्स लगे होते थे। अगर मैसेज वायरल हो जाता तो ब्लॉगर अच्छा पैसा कमा लेते थे। बाद में लोगों ने डोमेन जैसे smvt.in खरीदे और SEO-friendly आर्टिकल्स लिखे। जब इवेंट आता तो उन्हें लाखों में ट्रैफिक मिलता। लेकिन फिर बड़ी न्यूज वेबसाइट्स जैसे NDTV और Aaj Tak ने इन ब्लॉग्स को आउट रैंक कर दिया जिससे इवेंट ब्लॉगिंग का दौर कमजोर पड़ गया।

APK Niche

इसके बाद APK नीश आया जहां लोग हैक्ड या क्रैक्ड एप्लिकेशन्स की ब्लॉग पोस्ट्स लिखते थे। लोग गूगल पर मुफ्त में पेड ऐप्स सर्च करते थे और ब्लॉगर्स उन्हें ये ऐप्स प्रोवाइड करते थे। इससे सॉफ्टवेयर मालिक परेशान हो गए और उन्होंने गूगल को नोटिस भेजे। गूगल ने ऐसी वेबसाइट्स को पेनलाइज करना शुरू किया और उनके ऐडसेंस खाते बैन होने लगे। आज भी कुछ लोग इस नीश में काम कर रहे हैं लेकिन वे माइक्रो-नीश वेबसाइट्स बनाते हैं ताकि एक के बैन होने पर दूसरी चलती रहे।

Job and Yojna Niche

जब Jio ने इंटरनेट को सस्ता और सुलभ बनाया तब लोग ब्लॉगिंग और यूट्यूब को समझने लगे। हिंदी भाषी लोगों ने जॉब और सरकारी योजनाओं पर ब्लॉग्स बनाना शुरू किया। इस नीश में लाखों लोग शामिल हो गए। एक जॉब पोस्ट को लाखों लोग अपनी वेबसाइट पर डालते हैं लेकिन गूगल केवल 5-10 वेबसाइट्स को ही रैंक देता है। इससे छोटे ब्लॉगर्स का समय बर्बाद हो रहा है। इस नीश में केवल उच्च डोमेन अथॉरिटी वाली वेबसाइट्स ही रैंक कर पा रही हैं।

Affiliate Marketing

एफिलिएट मार्केटिंग का दौर भी आया खासकर अमेजॉन एफिलिएट के साथ। लोग भारत में बैठकर विदेशी उत्पाद बेचकर 5-10% कमीशन कमाते थे। लेकिन अचानक अमेजॉन ने कमीशन दरें आधी कर दीं जिससे ब्लॉगर्स की आय 50% तक कम हो गई। इससे इस नीश में भी रुचि कम हो गई।

Today’s Scenario

आज 2025 में लोग ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर लिखना पसंद कर रहे हैं। यूट्यूब पर लोग दूसरों की आय देखकर प्रेरित हो रहे हैं और न्यूज वेबसाइट्स बनाना चाहते हैं। लेकिन कोई भी यूनिक सोच नहीं रहा। जो लोग कॉलेज या स्कूल पूरा कर चुके हैं वे यूट्यूब पर डॉलर की खेती देखकर ब्लॉगिंग में कूद पड़ते हैं बिना इसके पीछे की मेहनत और रणनीति को समझे।

The Challenges of Blogging Dead in 2025

2025 में ब्लॉगिंग करना आसान नहीं है। गूगल के लगातार अपडेट्स ने ब्लॉगर्स को परेशान कर रखा है। कुछ लोग AI से लिखे आर्टिकल्स को रैंक होते देख रहे हैं जबकि कुछ के खुद से लिखे आर्टिकल्स पेनलाइज हो रहे हैं। गूगल का ध्यान अपने सर्च सिस्टम को मजबूत करने पर है न कि आपकी वेबसाइट की रैंकिंग पर। अगर आपका आर्टिकल पाठकों के लिए उपयोगी नहीं है तो वह रैंक नहीं करेगा चाहे वह AI से लिखा हो या हाथ से।

नए ब्लॉगर्स के लिए मेरा सुझाव है कि वे ब्लॉगिंग में जल्दबाजी न करें। डोमेन और होस्टिंग खरीदकर डॉलर कमाने का सपना देखना आसान नहीं है। इसके बजाय दूसरी स्किल्स सीखें और जीवन में अन्य दिशाओं में प्रयास करें।

Conclusion

ब्लॉगिंग और यूट्यूब ने कई लोगों को अवसर दिए हैं लेकिन आज इन क्षेत्रों में भ्रामकता भी फैल रही है। यूट्यूब पर दिखाई जाने वाली भारी-भरकम आय और आसान सफलता के दावे युवाओं को गलत दिशा में ले जा रहे हैं। ब्लॉगिंग में सफलता के लिए मेहनत, रणनीति और यूनिक सोच की जरूरत है। 2025 में गूगल के अपडेट्स ने इस क्षेत्र को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है। इसलिए नए लोग ब्लॉगिंग में कूदने से पहले अच्छी तरह सोच-विचार करें और अपनी स्किल्स को अन्य क्षेत्रों में भी आजमाएं। सही मार्गदर्शन और मेहनत से ही इस क्षेत्र में सफलता संभव है।

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